आसमाँ के टूटते तारो से मत मांगो मुरादे हौसला दो तुम उसे वो झिलमिलाना हारा होगा
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भँवर से कैसे बच पाया किसी पतवार से पूछो हमारा हौसला पूछो, तो फिर मँझधार से पूछो
Priyanshu Tiwari
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मुंतज़िर हूँ कि सितारों की ज़रा आँख लगे चाँद को छत पे बुला लूँगा इशारा कर के
Rahat Indori
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ज़ुल्फ़ों में उस की तारों को हम ने मचलते देखा है ज़ुल्फ़ें हटीं तो चाँद को हम ने निकलते देखा है
Divya 'Kumar Sahab'
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मैं आँधियों के पास तलाश-ए-सबा में हूँ तुम मुझ से पूछते हो मिरा हौसला है क्या
Ada Jafarey
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ज़मीन-ओ-आसमाँ को जगमगा दो रौशनी से दिसम्बर आज मिलने जा रहा है जनवरी से
Bhaskar Shukla
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तू मुझ को देख तेरे शहर में घर है मोहब्बत का जो रोता है नहीं उस को मगर तू याद आती है तू मुझ सेे डर हाँ सच में डर मैं तेरा नाम ले दूँगा मोहब्बत है नहीं तो तू ग़ज़ल के बा'द आती है
SIDDHARTH SHARMA
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उस ने अब तक वो चूड़ी उतारी नहीं या'नी खो बैठी है मुझ को हारी नहीं इक दो दो वज़्न है बस मोहब्बत का यार पूरी दुनिया मगर इस से भारी नहीं
SIDDHARTH SHARMA
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मिरे दिल में रहता किताबों का कोना के लम्हात में गुम हिसाबों का कोना आ जाओ कभी तुम सवालात बन कर बचा के रखा है जवाबों का कोना
SIDDHARTH SHARMA
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हवाएँ चूम कर तुम ने चिराग़ों को जलाया है तेरी आवाज़ दस्तक है ख़ुदा ने घर बुलाया है
SIDDHARTH SHARMA
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मोहब्बत ने सिखाया है मोहब्बत वक़्त ज़ाया' है मगर ये दिल न जाने क्यूँ गुलाबें फिर ले आया है
SIDDHARTH SHARMA
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