हवाएँ चूम कर तुम ने चिराग़ों को जलाया है तेरी आवाज़ दस्तक है ख़ुदा ने घर बुलाया है
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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मिरे दिल में रहता किताबों का कोना के लम्हात में गुम हिसाबों का कोना आ जाओ कभी तुम सवालात बन कर बचा के रखा है जवाबों का कोना
SIDDHARTH SHARMA
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तेरा होना नहीं भरता जरा भी रौनकें मुझ में तेरा जाना भी मुझ को यार अब तन्हा नहीं करता ये मेरी है मुहब्बत मैं अकेला कर भी सकता हूँ तेरा मौजूद होना इस को अब दूना नहीं करता
SIDDHARTH SHARMA
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तू मुझ को देख तेरे शहर में घर है मोहब्बत का जो रोता है नहीं उस को मगर तू याद आती है तू मुझ सेे डर हाँ सच में डर मैं तेरा नाम ले दूँगा मोहब्बत है नहीं तो तू ग़ज़ल के बा'द आती है
SIDDHARTH SHARMA
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उस ने अब तक वो चूड़ी उतारी नहीं या'नी खो बैठी है मुझ को हारी नहीं इक दो दो वज़्न है बस मोहब्बत का यार पूरी दुनिया मगर इस से भारी नहीं
SIDDHARTH SHARMA
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आसमाँ के टूटते तारो से मत मांगो मुरादे हौसला दो तुम उसे वो झिलमिलाना हारा होगा
SIDDHARTH SHARMA
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