तू मुझ को देख तेरे शहर में घर है मोहब्बत का जो रोता है नहीं उस को मगर तू याद आती है तू मुझ सेे डर हाँ सच में डर मैं तेरा नाम ले दूँगा मोहब्बत है नहीं तो तू ग़ज़ल के बा'द आती है
Related Sher
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
333 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
325 likes
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
296 likes
More from SIDDHARTH SHARMA
मिरे दिल में रहता किताबों का कोना के लम्हात में गुम हिसाबों का कोना आ जाओ कभी तुम सवालात बन कर बचा के रखा है जवाबों का कोना
SIDDHARTH SHARMA
1 likes
उस ने अब तक वो चूड़ी उतारी नहीं या'नी खो बैठी है मुझ को हारी नहीं इक दो दो वज़्न है बस मोहब्बत का यार पूरी दुनिया मगर इस से भारी नहीं
SIDDHARTH SHARMA
2 likes
जब कभी मैं कहता ख़ुद को फ़ुजू़ल है लड़की डाँट कर माँ कहती सुन एक फूल है लड़की चूम कर वो आयत बोली लगाओ रामायण मैं भी जा के मंदिर बोला क़ुबूल है लड़की
SIDDHARTH SHARMA
2 likes
दिल के अंदर दुकान होता है जिस का बाहर मकान होता है दिल के इक हिस्से में मोहब्बत बस बाक़ी सब में जहान होता है
SIDDHARTH SHARMA
2 likes
हवाएँ चूम कर तुम ने चिराग़ों को जलाया है तेरी आवाज़ दस्तक है ख़ुदा ने घर बुलाया है
SIDDHARTH SHARMA
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on SIDDHARTH SHARMA.
Similar Moods
More moods that pair well with SIDDHARTH SHARMA's sher.







