आसमाँ में अब्र है तो चाँद तारे भी दिखेंगे रोज़ आते माँ के आँचल में मुझे मिलने फ़लक से
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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याज़ कोई भी रहे दीवानगी भी चाहिए मसअले हालात वर्ना आज भी प्रतिकूल हैं
Manohar Shimpi
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ये गोया आदमी भी आदमी होता लिहाज़-ए-इश्क़ भी तो लाज़मी होता
Manohar Shimpi
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तन्हाई पे लिखी तो होगी रब ने और कहानी भी मिलती सब को काश ख़ुदा से फिर इक बार जवानी भी
Manohar Shimpi
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यक़ीं करो दस्तरस हमेशा हर एक को आज़मा रही है ज़मीं से फिर आसमाँ को छूने नया ही आलम बना रही है
Manohar Shimpi
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तिफ़्ल-ए-हसीं क़िस्सा बयाँ करने लगा सुनके हँसी से पेट ही भरने लगा
Manohar Shimpi
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