आसमाँ आपने कल ही ख़ारिज किया और फिर ये ज़मीं तो ज़मीं हो गई
Related Sher
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
271 likes
परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
283 likes
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
163 likes
More from pankaj pundir
यार कोई तो उस को समझाओ प्यार की नाव पर अना का बोझ
pankaj pundir
0 likes
वक़्त के साथ हुए साथ जो दिन रहने के फिर किसी साल महीने में नहीं आएँगे
pankaj pundir
0 likes
तुम पे लाज़िम था सफ़र आसान करना इश्क़ का बा'द लुटने के लुटेरा तो नहीं बन जाना था
pankaj pundir
0 likes
हो गई शाम थोड़ी सी बासी हम पे जचने लगी है उदासी
pankaj pundir
0 likes
तुम को सब अपने प्रेम करते हैं कैसे समझोगे तुम शिवा का दर्द
pankaj pundir
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on pankaj pundir.
Similar Moods
More moods that pair well with pankaj pundir's sher.







