हो गई शाम थोड़ी सी बासी हम पे जचने लगी है उदासी
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इस लिए ये महीना ही शामिल नहीं उम्र की जंत्री में हमारी उस ने इक दिन कहा था कि शादी है इस फरवरी में हमारी
Tehzeeb Hafi
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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ज़िंदगी भर वो उदासी के लिए काफ़ी है एक तस्वीर जो हँसते हुए खिंचवाई थी
Yasir Khan
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मेरी बरसों की उदासी का सिला कुछ तो मिले उस से कह दो वो मेरा क़र्ज़ चुकाने आए
Khalil Ur Rehman Qamar
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उदासी का सबब दो चार ग़म होते तो कह देता फ़ुलाँ को भूल बैठा हूँ फ़ुलाँ की याद आती है
Ashu Mishra
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यार कोई तो उस को समझाओ प्यार की नाव पर अना का बोझ
pankaj pundir
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वक़्त के साथ हुए साथ जो दिन रहने के फिर किसी साल महीने में नहीं आएँगे
pankaj pundir
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तुम को सब अपने प्रेम करते हैं कैसे समझोगे तुम शिवा का दर्द
pankaj pundir
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पहले राज़ी था आश्ना मेरा अब किसी बात पर नहीं बनती
pankaj pundir
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तीरगी से पस्त लोग बरहना-पा आ गए हैं अब फ़लक पे चाँद आया रात का जवाब आया
pankaj pundir
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