अब मैं क्या अपनी मोहब्बत का भरम भी न रखूँ मान लेता हूँ कि उस शख़्स में था कुछ भी नहीं
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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किसी के सर्द रवय्ये पे ख़ामुशी का लिहाफ़ ये इंतिक़ाम भी क्या इंतिक़ाम होता है
Jawwad Sheikh
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मैं ऐसी उम्र से दुख झेलने लगा 'जव्वाद' जो आम तौर पे होती है खेलने वाली
Jawwad Sheikh
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उस की फ़ितरत में न था तर्क-ए-त'अल्लुक़ लेकिन दूसरे शख़्स को इस नहज पे पहुँचा देना
Jawwad Sheikh
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मैं इस ख़याल से जाते हुए उसे न मिला कि रोक लें न कहीं सामने खड़े आँसू
Jawwad Sheikh
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तुम अगर सीखना चाहो मुझे बतला देना आम सा फ़न तो कोई है नहीं तोहफ़ा देना
Jawwad Sheikh
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