अफ़ज़ल गुनाह करते हुए डर नहीं गए बेशर्म हो गए हो मगर मर नहीं गए कल शाम ये ख़बर मिली हम फ़ौत हो गए मय्यत उठाने अपनी भी हम घर नहीं गए
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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उन को लगता है सब तमाशा है वो मोहब्बत जो बे-तहाशा है
Afzal Sultanpuri
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ख़्वाब मरते नहीं बिखर जाते तुम न मिलते तो यार मर जाते
Afzal Sultanpuri
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अपनी आँखों का नूर खो बैठे जो मिली थी वो हूर खो बैठे
Afzal Sultanpuri
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ज़रा मेरा अक़ीदा मुख्तलिफ़ है तभी तुम दूर हम सेे जा रहे हो
Afzal Sultanpuri
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अपनी मय्यत उठा नहीं सकता चार कंधों की अब ज़रूरत है
Afzal Sultanpuri
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