अगर सच इतना ज़ालिम है तो हम से झूट ही बोलो हमें आता है पतझड़ के दिनों गुल-बार हो जाना
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दुख अपना अगर हम को बताना नहीं आता तुम को भी तो अंदाज़ा लगाना नहीं आता
Waseem Barelvi
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वो नहीं मेरा मगर उस से मोहब्बत है तो है ये अगर रस्मों रिवाजों से बग़ावत है तो है
Deepti Mishra
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ख़ुद को इतना भी मत बचाया कर बारिशें हों तो भीग जाया कर काम ले कुछ हसीन होंठों से बातों बातों में मुस्कुराया कर
Shakeel Azmi
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हम किसी को राह में कुछ देर भी तक लें अगर पागलों को जो मिले तो सब के सब पागल मिले
nakul kumar
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प्यास अगर मेरी बुझा दे तो मैं जानू वरना तू समुंदर है तो होगा मेरे किस काम का है
Rahat Indori
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वर्ना इंसान मर गया होता कोई बे-नाम जुस्तुजू है अभी
Ada Jafarey
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बड़े ताबाँ बड़े रौशन सितारे टूट जाते हैं सहर की राह तकना ता सहर आसाँ नहीं होता
Ada Jafarey
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काँटा सा जो चुभा था वो लौ दे गया है क्या घुलता हुआ लहू में ये ख़ुर्शीद सा है क्या
Ada Jafarey
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आ देख कि मेरे आँसुओं में ये किस का जमाल आ गया है
Ada Jafarey
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जिस की जानिब 'अदा' नज़र न उठी हाल उस का भी मेरे हाल सा था
Ada Jafarey
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