अहमक़ नहीं जो ज़ाया' करूँँ चार दिन भी मैं काटूँगा आरज़ू में न ही इन्तिज़ार में
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तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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तुम इन्तिज़ार तो कर दोगे ख़त्म आ के मगर न कर सकोगे अदा मेरे इन्तिज़ार का हक़
Saif Dehlvi
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ता-उम्र तिरे पास ये बैठे न रहेंगे नादाँ तू बुज़ुर्गों को ज़रा वक़्त दिया कर
Saif Dehlvi
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वो राह-ए-मोहब्बत में भला ख़ाक चलेंगे जो सोचते हों फ़ाएदे नुक़्सान की बातें इक बे-वफ़ा से इतनी मोहब्बत है मुझे 'सैफ़' आती हैं ग़ज़ल में भी उस इंसान की बातें
Saif Dehlvi
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वहाँ गंदुम ने कहीं का न रखा यहाँ पे तुम ने कहीं का न रखा
Saif Dehlvi
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हरगिज़ न अपने दिल में मेरा मलाल रखना देखो जहाँ भी रहना अपना ख़याल रखना
Saif Dehlvi
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