अना ने खोल दी छतरी हमारे दरमियाँ वरना बहुत दुश्वारियाँ होतीं गुज़िश्ता रात बारिश में
Related Sher
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
333 likes
परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
283 likes
भरम रखा है तेरे हिज्र का वरना क्या होता है मैं रोने पे आ जाऊँ तो झरना क्या होता है मेरा छोड़ो मैं नइँ थकता मेरा काम यही है लेकिन तुम ने इतने प्यार का करना क्या होता है
Tehzeeb Hafi
272 likes
मैं तो सफों के दरमियाँ कब से पड़ा हूँ नीम जाँ, मेरे तमाम जाँ निसार मेरे लिए तो मर गए
Jaun Elia
62 likes
मुफ़लिसी थी और हम थे घर के इकलौते चराग़ वरना ऐसी रौशनी करते कि दुनिया देखती
Kashif Sayyed
64 likes
More from Dhirendra Pratap Singh
उस ने भी रक्खा ऑप्शन की तरह जिस की प्रायोरिटी था बनना हमें
Dhirendra Pratap Singh
1 likes
प्यार के रस्ते पे मुमकिन नहीं बस प्यार मिले दूर तक कोई सड़क सीधी नहीं जाती दोस्त
Dhirendra Pratap Singh
1 likes
निभाई पहले ज़िम्मेदारी अपनी फिर उस के बा'द थोड़े शौक़ पाले
Dhirendra Pratap Singh
1 likes
मेरी तस्वीर और भी अच्छी आएगी लगा कर देखो ना फ़िल्टर उदासी का
Dhirendra Pratap Singh
1 likes
परिंदे उड़ गए पत्तों ने साथ छोड़ दिया शजर का जिस्म दिसम्बर ने फिर निचोड़ दिया
Dhirendra Pratap Singh
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Dhirendra Pratap Singh.
Similar Moods
More moods that pair well with Dhirendra Pratap Singh's sher.







