अना पर बात आए लहरों को भी मोड़ दूँगा कटे गर्दन भले तेरी अकड़ मैं तोड़ दूँगा रहूँगा शान से चाहे खड़ी हो मौत सम्मुख झुकाऊँगा न सर अपना ये साँसें छोड़ दूँगा
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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बात ही कब किसी की मानी है अपनी हठ पूरी कर के छोड़ोगी ये कलाई ये जिस्म और ये कमर तुम सुराही ज़रूर तोड़ोगी
Jaun Elia
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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तजरबा बस तुम्हें है जीने का हम ने तो ज़िंदगी गँवाई है दस्त के आप ही मुसाफ़िर हो ख़ाक हम ने कहाँ उड़ाई है
Shubham Rai 'shubh'
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कहानी तुम्हारी है हीरो हो तुम कहाँ कह रहे हम कि ज़ीरो हो तुम
Shubham Rai 'shubh'
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साँस लेने के भी पैसे देने होंगे इस क़दर महँगाई बढ़ती जा रही है
Shubham Rai 'shubh'
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करूँँगा मैं क्या अब बताता नहीं हूँ सो अब पीठ पर ज़ख़्म खाता नहीं हूँ सभी लूट जाए भले आज कल पर किसी दर पे मैं सर झुकाता नहीं हूँ
Shubham Rai 'shubh'
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तुम नए नेता बने हो या गली तुम भूल आए हो फेंकने को कौन सा जुमला नया इस बार लाए हो
Shubham Rai 'shubh'
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