बड़ी मग़रूर आदत है ग़मों में मुस्कुराने की मेरी नस नस में बहती ये अदाकारी नहीं जाती
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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ये तो इक रस्म-ए-नुमाइश है अदा करता हूँ कौन कमबख़्त है ख़ुश अहद-ए-जुदाई कर के
YAWAR ALI
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क्या ये भी किसी जंग के ऐलान से कम है हम सह के तेरे ज़ुल्म-ओ-सितम घूम रहे हैं
YAWAR ALI
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तुझे मैं भूल तो जाऊँ मगर ये भी बता कैसे हर इक एहसास ज़िंदा है हर इक अरमान बाक़ी है
YAWAR ALI
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देर तक मैं तुझे सीने से लगाए रक्खूँ कोई इस वक़्त की रफ़्तार को धीमा कर दे
YAWAR ALI
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आप के बा'द कोई आप के जैसा न मिला ख़ूब ढूँढी है दवा हम ने दवा-ख़ानों में
YAWAR ALI
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