बहारें हों या वीरानी से सब जंगल गुज़रते हैं रुदन हो हास्य हो सब को बराबर बाँटता है वो
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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ज़िन्दाबाद करो उस आशिक़ का जो ज़ंजीरों में भी हँस कर बोल रहा पायल की छम छम ज़िन्दाबाद रहे
Atul K Rai
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उस पे हम चीख़ ही नहीं सकते उस की चुप्पी कमाल करती है!
Atul K Rai
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नई पीढ़ी को आख़िर कौन कल रस्ता दिखाएगा बग़ीचे में पुराने पेड़ का होना ज़रूरी है
Atul K Rai
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नया पंचाँग टँग जाएगा घर में गुज़रते ही पुराना साल प्यारे
Atul K Rai
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हमारी ख़्वाहिश है पेड़ जिस को लगाया तुम ने हरा रहे बस वगरना कोई भी घाव ऐसा नहीं है जिस की दवा नहीं है
Atul K Rai
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