बहती रहती हैं हवाएँ उस की जानिब चेहरा उस का इक गुलिस्ताँ ठहरा जैसे
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
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पूरे दिन बस ये हूँ हल्ला कब चुप होगा ये मुहल्ला
Saniya Tasnim
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किसी को ख़ामोश कर पाऊँ कहाँ ऐसा शोर है मुझ में
Saniya Tasnim
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इक आस रखी थी हम ने भी इक ख़्वाब मिला जो टूटा था जो नाम पुकारा था उस ने वो नाम हमारा झूठा था
Saniya Tasnim
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उसी के हैं दिन रात सारे हमें जो मुयस्सर नहीं है
Saniya Tasnim
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किताबें लिखना अच्छी बात है किताबें गर लगें लिखने तुम्हें
Saniya Tasnim
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