किताबें लिखना अच्छी बात है किताबें गर लगें लिखने तुम्हें
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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क्या बोला मुझे ख़ुद को तुम्हारा नहीं कहना ये बात कभी मुझ सेे दुबारा नहीं कहना ये हुक़्म भी उस जान से प्यारे ने दिया है कुछ भी हो मुझे जान से प्यारा नहीं कहना
Ali Zaryoun
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पूरे दिन बस ये हूँ हल्ला कब चुप होगा ये मुहल्ला
Saniya Tasnim
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उसी के हैं दिन रात सारे हमें जो मुयस्सर नहीं है
Saniya Tasnim
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किसी को ख़ामोश कर पाऊँ कहाँ ऐसा शोर है मुझ में
Saniya Tasnim
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पर्दा रखती है रिश्ते का इज़्ज़त वो ही अस्तर है
Saniya Tasnim
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बड़े शोख़ हो तुम मियाँ पर नदामत ज़रा भर नहीं है
Saniya Tasnim
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