बहुत बनाएँगे लेकिन कभी नहीं बनेगी पुरानी चीज़ दोबारा नई नहीं बनेगी वो झुर्रियाँ तो बना लेंगे मेरे चेहरे की मुसव्विरों से मेरी बेबसी नहीं बनेगी
Related Sher
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
298 likes
अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
221 likes
मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
271 likes
दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
267 likes
More from Sarwar Khan Sarwar
झुक के मिलना मेरी आदत नहीं मजबूरी है मैं ने अहबाब के एहसान उठाए हुए हैं
Sarwar Khan Sarwar
13 likes
इक निशानी भी फ़रामोश नहीं की उस की एक भी ज़ख़्म को आराम नहीं आने दिया
Sarwar Khan Sarwar
14 likes
तू ने इक दिन हमें नाकाम कहा और हम ने ख़ुद को अपने भी किसी काम नहीं आने दिया
Sarwar Khan Sarwar
15 likes
हम वो महरूम-ए-तमन्ना कि भरी दुनिया में अपने हिस्से की मुहब्बत भी नहीं कर पाए
Sarwar Khan Sarwar
16 likes
जो मेरा दुख है वही सारे जहाँ का दुख है दिल कहीं और लगा हो गई शादी कहीं और
Sarwar Khan Sarwar
22 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Sarwar Khan Sarwar.
Similar Moods
More moods that pair well with Sarwar Khan Sarwar's sher.







