जो मेरा दुख है वही सारे जहाँ का दुख है दिल कहीं और लगा हो गई शादी कहीं और
Related Sher
हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
489 likes
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
545 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
163 likes
मत पूछ कि क्या हाल है मेरा तेरे पीछे तू देख कि क्या रंग है तेरा, मेरे आगे
Mirza Ghalib
180 likes
More from Sarwar Khan Sarwar
बहुत बनाएँगे लेकिन कभी नहीं बनेगी पुरानी चीज़ दोबारा नई नहीं बनेगी वो झुर्रियाँ तो बना लेंगे मेरे चेहरे की मुसव्विरों से मेरी बेबसी नहीं बनेगी
Sarwar Khan Sarwar
13 likes
इक निशानी भी फ़रामोश नहीं की उस की एक भी ज़ख़्म को आराम नहीं आने दिया
Sarwar Khan Sarwar
14 likes
झुक के मिलना मेरी आदत नहीं मजबूरी है मैं ने अहबाब के एहसान उठाए हुए हैं
Sarwar Khan Sarwar
13 likes
तू ने इक दिन हमें नाकाम कहा और हम ने ख़ुद को अपने भी किसी काम नहीं आने दिया
Sarwar Khan Sarwar
15 likes
हम वो महरूम-ए-तमन्ना कि भरी दुनिया में अपने हिस्से की मुहब्बत भी नहीं कर पाए
Sarwar Khan Sarwar
16 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Sarwar Khan Sarwar.
Similar Moods
More moods that pair well with Sarwar Khan Sarwar's sher.







