बन बेमुरव्वत मन के मालिक फिर रहे हैं दर-ब-दर बेहतर ठिकाना पास है कह के गए थे जो मुझे
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
979 likes
सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ
Khwaja Meer Dard
127 likes
इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
124 likes
तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
130 likes
More from Nainsee Gupta 'Nayantara'
प्रेम ने थामा है जब से ज़िंदगी खिल सी गई है शब्द भी सब मौन तब से ध्यान भी ख़ुद घट रहा है
Nainsee Gupta 'Nayantara'
1 likes
नज़र के सामने है खोजती जिस को नज़र तेरी ज़रा ख़ुद को जगाओ और बोलो देखने को सच
Nainsee Gupta 'Nayantara'
1 likes
ज़िंदगी जी नहीं जाती ऐसे मौत इक रोज़ बोली गले लग
Nainsee Gupta 'Nayantara'
1 likes
ढूँढ़ने में तुम को ख़ुद को खोने वाले मुस्कुराते ही मिलेंगे रोने वाले
Nainsee Gupta 'Nayantara'
1 likes
छोड़ सारी मोह माया क्या है मेरा क्या तुम्हारा
Nainsee Gupta 'Nayantara'
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Nainsee Gupta 'Nayantara'.
Similar Moods
More moods that pair well with Nainsee Gupta 'Nayantara''s sher.







