भुला के छोड़ दिया उस गली में चलना भी कि दाग़ लगने न पाए किसी के दामन पर
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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मिरे ख़िलाफ़ ही सब दस्तख़त हुए आख़िर मैं चुप रहा तो गुनहगार मुझ को माना है
arjun chamoli
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ये बताओ इश्क़ का ये फ़लसफ़ा क्या है दूरियाँ जब मिट गई तो अब बचा क्या है
arjun chamoli
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वो बिजली का जैसे दिल में गिर जाना आँखों का इतराना रुख़ का शर्माना गालों पे उन के वो लाली का आना हाथों से हाथों का ख़ुद में टकराना कैसे बयाँ करूँँ क्या-क्या है बतलाना छोटी सी मज्लिस में उन सेे छू जाना
arjun chamoli
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सब्र का है इम्तिहाँ और जब्र भी है इंतिहा पास वो आते नहीं और दूर भी जाने न दें
arjun chamoli
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फ़क़त ग़ुलामियों का नर्म-सा क़दम है इश्क़ भी ये बात और है कि नाम इंक़िलाब का दिया
arjun chamoli
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