चलो इक बात से बेबार की मुझ को तसल्ली है तवक़्क़ो ख़ुद किसी से वो कभी दिल में नहीं रखता
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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तुझ पे मर के हम ने आख़िर अब ये जाना ख़ा-मख़ा ही तुझ को माने ज़िन्दगी हम
Prashant Beybaar
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हैं ज़रूरी काम मुझ को शे'र कहने के सिवा भी सोचना और सोचना, बस सोचना उस को मुसलसल
Prashant Beybaar
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साहिब-ए-सख़ा हो तुम, ये भी रहम अता करो मुश्किलों का दौर है, दुआ करो दुआ करो मौत की जकड़ से साँस लौट आएगी भला तुम ख़ुदा का रूप हो, रज़ा करो रज़ा करो
Prashant Beybaar
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दर्द, आँसू, बे-क़रारी, हिज्र, यादें, बेख़ुदी कौन कहता है मोहब्बत में मिला कुछ भी नहीं
Prashant Beybaar
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भले हैं फ़ासले क़ुर्बत से ख़ौफ़ लगता है ये क्या बला है जो ऐसी विरानी क़ैद हुई
Prashant Beybaar
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