चमेली रात कह रही थी मेरी बू लिया करें और इस सेे जी नहीं भरे तो मुझ को छू लिया करें कभी भी अच्छे देवता नहीं बनेंगे ऐसे आप चढ़ावे में रुपए नहीं फ़क़त लहू लिया करें
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मेरी दुनिया उजड़ गई इस में तुम इसे हादसा समझते हो आख़िरी रास्ता तो बाक़ी है आख़िरी रास्ता समझते हो
Himanshi babra KATIB
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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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निगाहें फेर ली घबरा के मैं ने वो तुम से ख़ूब-सूरत लग रही थी
Fahmi Badayuni
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मैं जब मर जाऊँ तो मेरी अलग पहचान लिख देना लहू से मेरी पेशानी पे हिंदुस्तान लिख देना
Rahat Indori
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ग़म-ए-फ़ुर्क़त का शिकवा करने वाली मेरी मौजूदगी में सो रही है
Jaun Elia
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रोज़ इक झील राह तकती है खींच लेता है एक अलाव मुझे जन्नती हूँ तो फिर बढ़ो आगे तितलियों आओ गुदगुदाओ मुझे
Azbar Safeer
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पहले कहता है जुनूँ उस का गिरेबान पकड़ फिर मेरा दिल मुझे कहता है इधर कान पकड़ ऐसी वहशत भी न हो घर के दरो बाम कहें कोई आवाज़ ही ले आ कोई मेहमान पकड़
Azbar Safeer
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बिछड़े तो रख रखाव भी करना नहीं पड़ा ताज़ा किसी को घाव भी करना नहीं पड़ा बस देख कर ही उस को परिंदे उतर गए उस को तो आओ आओ भी करना नहीं पड़ा
Azbar Safeer
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दुख की दीमक अगर नहीं लगती ज़िन्दगी किस क़द्र हसीं लगती वस्ल को लॉटरी समझता हूँ लॉटरी रोज़ तो नहीं लगती
Azbar Safeer
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