चुपके चुपके वो पढ़ रहा है मुझे धीरे धीरे बदल रहा हूँ मैं
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भीगीं पलकें देख कर तू क्यूँँ रुका है ख़ुश हूँ मैं वो तो मेरी आँख में कुछ आ गया है ख़ुश हूँ मैं वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुख की बात थी अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं
Zubair Ali Tabish
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तुम्हारे बा'द ये दुख भी तो सहना पड़ रहा है किसी के साथ मजबूरी में रहना पड़ रहा है
Ali Zaryoun
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बस ये दिक़्क़त है भुलाने में उसे उस के बदले में किस को याद करें
Fahmi Badayuni
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मेरा अरमान मेरी ख़्वाहिश नहीं है ये दुनिया मेरी फ़रमाइश नहीं है मैं तेरे ख़्वाब वापस कर रहा हूँ मेरी आँखों में गुंजाइश नहीं है
Abrar Kashif
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तुम मेरी तरफ़ देखना छोड़ो तो बताऊँ हर शख़्स तुम्हारी ही तरफ़ देख रहा है
Waseem Barelvi
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'नबील' इस इश्क़ में तुम जीत भी जाओ तो क्या होगा ये ऐसी जीत है पहलू में जिस के हार चलती है
Aziz Nabeel
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तमाम शहर को तारीकियों से शिकवा है मगर चराग़ की बैअत से ख़ौफ़ आता है
Aziz Nabeel
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मैं छुप रहा हूँ कि जाने किस दम उतार डाले लिबास मुझ को
Aziz Nabeel
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वो एक राज़ जो मुद्दत से राज़ था ही नहीं उस एक राज़ से पर्दा उठा दिया गया है
Aziz Nabeel
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चाँद तारे इक दिया और रात का कोमल बदन सुब्ह-दम बिखरे पड़े थे चार सू मेरी तरह
Aziz Nabeel
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