दर्द का क़ाफ़िला नहीं रुकता साँसों का सिलसिला नहीं रुकता मुझ में ही मैं रहा नहीं हूँ अब ग़म का जो दाख़िला नहीं रुकता
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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मसअला ये नहीं कि इश्क़ हुआ है हम को मसअला ये है कि इज़हार किया जाना है
Rajesh Reddy
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मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Ismail Raaz
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दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
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शे'र आमद ये हो रहे हैं जो हाथ अंसारी का है इस में सब
gaurav saklani
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एक इंसान ही नहीं है बस उम्र बीतेगी ये भुलाने में
gaurav saklani
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ज़ब्त मुझ में रहा नहीं अब वो इस लिए दूर दूर रहता हूँ
gaurav saklani
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ज़िंदगी क्यूँ तुम्हें शिकायत है दे दिया ख़ून-ए-दिल जिगर फिर भी
gaurav saklani
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ज़िक्र तुम ने किया मगर फिर भी हो रहा क्यूँ नहीं असर फिर भी
gaurav saklani
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