शे'र आमद ये हो रहे हैं जो हाथ अंसारी का है इस में सब
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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राज़ खुलता है घर जलाने को घर कभी आग से नहीं जलता
gaurav saklani
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मेरे अंदर भी कोई रहता है जो भी है बस ख़ुदा नहीं रहता
gaurav saklani
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दिख रहा था जो ख़ून पानी पे जान दे बैठा वो निशानी पे
gaurav saklani
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ज़ब्त मुझ में रहा नहीं अब वो इस लिए दूर दूर रहता हूँ
gaurav saklani
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मुझे तुझ में एक बशर नज़र आता था मुझे क्या मालूम किधर नज़र आता था
gaurav saklani
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