मेरे अंदर भी कोई रहता है जो भी है बस ख़ुदा नहीं रहता
Related Sher
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
471 likes
More from gaurav saklani
शे'र आमद ये हो रहे हैं जो हाथ अंसारी का है इस में सब
gaurav saklani
0 likes
ज़ब्त मुझ में रहा नहीं अब वो इस लिए दूर दूर रहता हूँ
gaurav saklani
0 likes
राज़ खुलता है घर जलाने को घर कभी आग से नहीं जलता
gaurav saklani
0 likes
मुझे तुझ में एक बशर नज़र आता था मुझे क्या मालूम किधर नज़र आता था
gaurav saklani
1 likes
एक इंसान ही नहीं है बस उम्र बीतेगी ये भुलाने में
gaurav saklani
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on gaurav saklani.
Similar Moods
More moods that pair well with gaurav saklani's sher.







