dukhtar-e-raz ne diye chhinte kuchh aise saqiya pani pani ho gai tauba har ek mai-khwar ki
Related Sher
कुछ न रह सका जहाँ विरानियाँ तो रह गईं तुम चले गए तो क्या कहानियाँ तो रह गईं
Khalil Ur Rehman Qamar
164 likes
अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
221 likes
ख़ुद को इतना भी मत बचाया कर बारिशें हों तो भीग जाया कर काम ले कुछ हसीन होंठों से बातों बातों में मुस्कुराया कर
Shakeel Azmi
101 likes
कबूतर इश्क़ का उतरे तो कैसे? तुम्हारी छत पे निगरानी बहुत है इरादा कर लिया गर ख़ुद-कुशी का तो ख़ुद की आँख का पानी बहुत है
Kumar Vishwas
93 likes
हम हैं ना! ये जो मुझ सेे कहते हैं ख़ुद किसी और के भरोसे हैं ज़िंदगी के लिए बताओ कुछ ख़ुद-कुशी के तो सौ तरीक़े हैं
Vikram Gaur Vairagi
94 likes
More from Jaleel Manikpuri
आँसू हमारे गिर गए उन की निगाह से इन मोतियों की अब कोई क़ीमत नहीं रही
Jaleel Manikpuri
22 likes
लुटाते हैं वो दौलत हुस्न की बावर नहीं आता हमें तो एक बोसा भी बड़ी मुश्किल से मिलता है
Jaleel Manikpuri
19 likes
बहार आई कि दिन होली के आए गुलों में रंग खेला जा रहा है
Jaleel Manikpuri
26 likes
मोहब्बत रंग दे जाती है जब दिल दिल से मिलता है मगर मुश्किल तो ये है दिल बड़ी मुश्किल से मिलता है
Jaleel Manikpuri
27 likes
शब को मय ख़ूब सी पी सुब्ह को तौबा कर ली रिंद के रिंद रहे हाथ से जन्नत न गई
Jaleel Manikpuri
23 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Jaleel Manikpuri.
Similar Moods
More moods that pair well with Jaleel Manikpuri's sher.







