एक बार बसा लें अगर कुछ अपने दिल में फिर दर्द हो या तू हो निकलने नहीं देंगे
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मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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जौन तुम्हें ये दौर मुबारक, दूर ग़म-ए-अय्याम से हो एक पागल लड़की को भुला कर अब तो बड़े आराम से हो
Jaun Elia
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हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं दिल हमेशा उदास रहता है
Bashir Badr
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कोई हसीन बदन जिन की दस्तरस में नहीं यही कहेंगे कि कुछ फ़ाएदा हवस में नहीं
Umair Najmi
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वो शम्अ' के मानिंद हर वक़्त जलती रहती थी फिर मैं भी अपनी ज़ात का परवाना हो गया
Parwez Akhtar
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सच बोलने दे ज़ालिम न कर ऐसा सलूक मुझ सेे मेरे ख़्वाब सब हैं टूटे कहीं दिल टूट न जाए
Parwez Akhtar
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मैं उस के पास में बैठूँ तो इस का सबब पूछता है क्या मैं अपने आप पे एहसान कर नहीं सकता ?
Parwez Akhtar
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इस का चारा क्या है तू ही बता ऐ साक़ी जाम जब मुँह से लगता हूँ तो याद आती है
Parwez Akhtar
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तू ने इतनी भी चोटें नहीं खाई हैं 'अख़्तर' दिल किसी और से तू भी तो लगा सकता है
Parwez Akhtar
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