एक परिंदे ने जबसे दो प्यारी बातें बोली हैं दिल में कितने दीप जले हैं आँखों में रंगोली है
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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बात करो रूठे यारों से सन्नाटों से डर जाते हैं प्यार अकेला जी लेता है दोस्त अकेले मर जाते हैं
Kumar Vishwas
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उस की तस्वीरें हैं दिलकश तो होंगी जैसी दीवारें हैं वैसा साया है एक मैं हूँ जो तेरे क़त्ल की कोशिश में था एक तू है जो जेल में खाना लाया है
Tehzeeb Hafi
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ये कहना था उन से मोहब्बत है मुझ को ये कहने में मुझ को ज़माने लगे हैं
Khumar Barabankvi
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हाल मीठे फलों का मत पूछो रात दिन चाकूओं में रहते हैं
Fahmi Badayuni
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वो मुझे पूछते हैं गाँव में क्या रक्खा है मैं उन्हें कहता हूँ सब मेरे बड़े रहते हैं
DEVANSH TIWARI
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मेयार-ए-ज़र्फ़ तो पहचान हमारा दुश्मन भी लगता है मेहमान हमारा हम ग़ज़लें कहने वाले लड़के हैं हर नुक़्ते पर रहता है ध्यान हमारा
DEVANSH TIWARI
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सुन रहा हूँ जा रहे हो, ठीक है दूरियाँ अपना रहे हो, ठीक है कह रहे थे साथ दोगे उम्र भर बीच में ही जा रहे हो, ठीक है
DEVANSH TIWARI
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रफ़्ता-रफ़्ता जाऊँगा मैं ज़ीस्त से तेरी जैसे मेरी दादी की बीनाई गई थी
DEVANSH TIWARI
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मुझ में बस एक ही ख़राबी है मैं ज़बाँ-ओ-दिमाग़ रखता हूँ
DEVANSH TIWARI
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