फलाँ लड़की फलाँ इंसाँ या आदमी की तरह मैं ने बनना नहीं चाहा कभी किसी की तरह
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
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ये किस का अक्स है हर सू समाया छुपा है कौन मेरी पुतलियों में
Shiva awasthi
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रोती हूँ तो साथ साथ में बजते हैं वो पायल में ऐसे घुॅंघरू बाॅंध गया
Shiva awasthi
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मैं ख़ुद पर भी हँस लेती हूँ देख चुकी हूँ इतना रो कर
Shiva awasthi
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तेरे रहते उस का चेहरा, कैसे शिकन ओढ़ सकता है? तू माँ है तो माँ होने का मतलब भी तो समझ सयानी
Shiva awasthi
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मिरे बदन पर उस की काली नज़रें बिल्कुल वैसी थीं जैसे बच्चों के हाथों में काला धागा होता है
Shiva awasthi
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