ज्ञान पर अभिमान का जो इक उदाहरण हो गया और फिर अपने पतन का ख़ुद ही कारण हो गया क्या अजब इस में कि इक रावण था जो ज्ञानी हुआ पर अजब तो ये है इक ज्ञानी भी रावण हो गया
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प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ
Khwaja Meer Dard
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मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
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मेरे होंटों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो कि इस के बा'द भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है
Waseem Barelvi
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यूँँ इन आँखों को तड़पने की सज़ा दी उस ने अपनी तस्वीर ही डीपी से हटा दी उस ने
Wajid Husain Sahil
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उस ने माँगा नहीं कुछ और जुदाई के सिवा लेकिन अब उस को मैं इनकार नहीं कर सकता
Wajid Husain Sahil
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मेरी आमद से भला क्यूँ आइने डरने लगे मेरे हाथों में तो साहिल कोई पत्थर भी नहीं
Wajid Husain Sahil
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खुल के मैदाँ में आ सकोगे क्या इतनी हिम्मत जुटा सकोगे क्या अपने पंजों के बल खड़े हो कर तुम मेरा क़द घटा सकोगे क्या
Wajid Husain Sahil
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ज़िंदगी में तो चले आते हैं कुछ लोग ऐसे दिल में रहते हैं, निगाहों से उतर जाते हैं
Wajid Husain Sahil
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