hamari zindagi par maut bhi hairan hai ghaer na jaane kis ne ye tarikh-e-paidaish nikali hai
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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मुझ से रस्तों का बिछड़ना नहीं देखा जाता मुझ से मिलने वो किसी मोड़ पे आया न करे
Kashif Husain Ghair
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इन मकीनों का सुलूक अपनी जगह दर-ओ-दीवार पे हैरत है मुझे
Kashif Husain Ghair
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हमारी सुब्ह किसी शाम से नहीं मिलती ये वो थकन है जो आराम से नहीं मिलती
Kashif Husain Ghair
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हाल पूछा न करे हाथ मिलाया न करे मैं इसी धूप में ख़ुश हूँ कोई साया न करे
Kashif Husain Ghair
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वो हाल था कि बस मिरा उठना मुहाल था लेकिन फिर एक ख़्वाब की तकमील से उठा
Kashif Husain Ghair
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