हर दफ़ा मुँह उतर जाता है ख़ुशियों का जब सजाता हूँ चेहरा उदासी से मैं
Related Sher
याद भूले हुए लोगों को किया जाता है भूल जाओ कि तुम्हें याद किया जाएगा
Charagh Sharma
65 likes
अब मिरा ध्यान कहीं और चला जाता है अब कोई फ़िल्म मुकम्मल नहीं देखी जाती
Jawwad Sheikh
67 likes
दर्द ऐसा नज़र-अंदाज़ नहीं कर सकते जब्त ऐसा की हम आवाज नहीं कर सकते बात तो तब थी कि तू छोड़ के जाता ही नहीं अब तेरे मिलने पे हम नाज नहीं कर सकते
Ismail Raaz
64 likes
कबूतर इश्क़ का उतरे तो कैसे? तुम्हारी छत पे निगरानी बहुत है इरादा कर लिया गर ख़ुद-कुशी का तो ख़ुद की आँख का पानी बहुत है
Kumar Vishwas
93 likes
इस तरह करता है हर शख़्स सफ़र अपना ख़त्म ख़ुद को तस्वीर में रखता है चला जाता है
Sandeep kumar
53 likes
More from Dhirendra Pratap Singh
रौशनी को छोड़ कर आना पड़ा वनवास अपना सब दिए थे ताक में दीपावली हो साथ मिल कर
Dhirendra Pratap Singh
1 likes
उस ने भी रक्खा ऑप्शन की तरह जिस की प्रायोरिटी था बनना हमें
Dhirendra Pratap Singh
1 likes
उस को दिल में बिठा कर इल्म हुआ है यारों नूर आँखों का नहीं बढ़ता फ़क़त काजल से
Dhirendra Pratap Singh
1 likes
प्यार के रस्ते पे मुमकिन नहीं बस प्यार मिले दूर तक कोई सड़क सीधी नहीं जाती दोस्त
Dhirendra Pratap Singh
1 likes
परिंदे उड़ गए पत्तों ने साथ छोड़ दिया शजर का जिस्म दिसम्बर ने फिर निचोड़ दिया
Dhirendra Pratap Singh
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Dhirendra Pratap Singh.
Similar Moods
More moods that pair well with Dhirendra Pratap Singh's sher.







