हो गहरी बात तो गहराई से समझा करो यारो कोई शा'इर कभी अश'आर बे-मतलब नहीं लिखता
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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ज़िंदगी भर के लिए दिल पे निशानी पड़ जाए बात ऐसी न लिखो, लिख के मिटानी पड़ जाए
Aadil Rasheed
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यहाँ कोई नहीं मरता किसी के दूर जाने से किसी के दूर जाने से यहाँ कोई नहीं मरता
Dinesh Sen Shubh
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तमाम रात निकलनी है याद करने में तमाम दिन हुई थीं कोशिशें भुलाने की
Dinesh Sen Shubh
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ख़ुश है तू गर दग़ा में सही ख़ुश रहे मैं भी तो चाहता हूँ यही ख़ुश रहे
Dinesh Sen Shubh
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वहीं से हार कर लौटा मुसाफ़िर जहाँ से जीत कर जाना भला था
Dinesh Sen Shubh
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मैं अमानत हुआ था कितनों की बा'द में कह दिया पिया तुम ने
Dinesh Sen Shubh
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