sherKuch Alfaaz

इक रात उस ने चंद सितारे बुझा दिए उस को लगा था कोई उन्हें गिन नहीं रहा

Khurram Afaq39 Likes

Related Sher

एक नज़र देखते तो जाओ मुझे कब कहा है गले लगाओ मुझे तुम को नुस्ख़ा भी लिख के दे दूँगा ज़ख़्म तो ठीक से दिखाओ मुझे

Zia Mazkoor

95 likes

तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ​ सोचा नहीं जाता

Abrar Kashif

130 likes

प्यास अगर मेरी बुझा दे तो मैं जानू वरना तू समुंदर है तो होगा मेरे किस काम का है

Rahat Indori

109 likes

इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते

Farhat Ehsaas

124 likes

वो पास क्या ज़रा सा मुस्कुरा के बैठ गया मैं इस मज़ाक़ को दिल से लगा के बैठ गया दरख़्त काट के जब थक गया लकड़हारा तो इक दरख़्त के साए में जा के बैठ गया

Zubair Ali Tabish

99 likes

More from Khurram Afaq

नताएज जब सर-ए-महशर मिलेंगे मोहब्बत के अलग नंबर मिलेंगे तुम्हारी मेज़बानी के बहाने कोई दिन हम भी अपने घर मिलेंगे

Khurram Afaq

21 likes

जो ज़रा ठीक से किरदार निगारी हो जाए ये कहानी तो हक़ीक़त पे भी तारी हो जाए तेरे हामी है सो उठ कर भी नहीं जा सकते जाने किस वक़्त यहाँ राय-शुमारी हो जाए

Khurram Afaq

26 likes

बुरा बनता हूँ कि शायद ऐसे वो मिरे सामने अच्छा बन जाए

Khurram Afaq

21 likes

बुरा मनाया था हर आहट हर सरगोशी का सोचो कितना ध्यान रखा उस ने ख़ामोशी का तुम इस का नुक़सान बताती अच्छी लगती हो वरना हम को शौक़ नहीं है सिगरेट-नोशी का

Khurram Afaq

32 likes

ज़ख़्म की इज़्ज़त करते हैं देर से पट्टी खोलेंगे चेहरा पढ़ने वाले चोर गठरी थोड़ी खोलेंगे

Khurram Afaq

29 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Khurram Afaq.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Khurram Afaq's sher.