इक सफ़र ऐसा है जिस में मंज़िल की कोई बात नहीं इक सफ़र ऐसा है जिस में मिलने की कोई रात नहीं
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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प्रेम जब मन में हुआ भेद सारे औन हैं कर रहे हैं बात दिल शब्द सारे मौन हैं
Kumar Prem Pinaki
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इतने चेहरे हैं दुनिया में कोई हर चेहरे पर मरता क्या तुम सेे बेहतर यूँँ न सोचा था बस तुम पर मरता करता क्या
Kumar Prem Pinaki
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आइने का सौदा कर मुफ़लिसी में मर गया सब मुखौटे बेच कर हर कोई सँवर गया
Kumar Prem Pinaki
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ये दुनिया कितनी प्यारी है इस में ही दुनिया सारी है जीता है उस ने कितना कुछ इक शर्त अभी भी हारी है
Kumar Prem Pinaki
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दरिया इतना जो पानी ले कर बहता है भीतर कोई कहानी ले कर बहता है
Kumar Prem Pinaki
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