आइने का सौदा कर मुफ़लिसी में मर गया सब मुखौटे बेच कर हर कोई सँवर गया
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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प्रेम जब मन में हुआ भेद सारे औन हैं कर रहे हैं बात दिल शब्द सारे मौन हैं
Kumar Prem Pinaki
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पहले हिम्मत बाँधी फिर हिम्मत से दो चार किया क़िस्मत की ऑंधी आई हार नहीं स्वीकार किया
Kumar Prem Pinaki
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इतने चेहरे हैं दुनिया में कोई हर चेहरे पर मरता क्या तुम सेे बेहतर यूँँ न सोचा था बस तुम पर मरता करता क्या
Kumar Prem Pinaki
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ये दुनिया कितनी प्यारी है इस में ही दुनिया सारी है जीता है उस ने कितना कुछ इक शर्त अभी भी हारी है
Kumar Prem Pinaki
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इक सफ़र ऐसा है जिस में मंज़िल की कोई बात नहीं इक सफ़र ऐसा है जिस में मिलने की कोई रात नहीं
Kumar Prem Pinaki
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