इक शहज़ादी ने दी है इक माँ को उतरन इक बच्ची को मिल जाएँगे नए कपड़े आज
Related Sher
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
575 likes
मिले किसी से गिरे जिस भी जाल पर मेरे दोस्त मैं उस को छोड़ चुका उस के हाल पर मेरे दोस्त ज़मीं पे सबका मुक़द्दर तो मेरे जैसा नहीं किसी के साथ तो होगा वो कॉल पर मेरे दोस्त
Ali Zaryoun
157 likes
मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
314 likes
हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
298 likes
More from Nakul kumar
इस क़दर दिल सहे ज़द ठीक नहीं इश्क़ की इतनी भी हद ठीक नहीं बंद कमरे से निकल आ बाहर दर्द की इतनी मदद ठीक नहीं
Nakul kumar
3 likes
लोग तो बस जिस्मों पर बनवाते फिरते हैं लेकिन तेरे नाम का टैटू मैं ने दिल पर बनवाया था
Nakul kumar
2 likes
शदीद उलझनें सब ख़्वाहिशें जला रही हैं अजीब हाल है मेरा समझ नहीं आता यूँँ ज़िंदा रहना भी क्या कोई बेवक़ूफ़ी है या कोई कमाल है मेरा समझ नहीं आता
Nakul kumar
1 likes
मैं चाहता हूँ कि आँसू लूँ कुछ निकाल तिरे तिरी नज़र में छुपे हैं सभी सवाल तिरे
Nakul kumar
4 likes
पहले याद आती हैं तो रोती हैं आँखें फिर कहीं जा कर ज़रा सोती हैं आँखें हर नज़र में क़ैद हैं मंज़र कई से ख़्वाबों की लाशें फ़क़त ढोती हैं आँखें
Nakul kumar
6 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Nakul kumar.
Similar Moods
More moods that pair well with Nakul kumar's sher.







