इंसान से ज़ियादा कोई हैवान नहीं है अब तो इंसानों में ही इंसान नहीं है रेप किया था कल जिस ने कोई लड़की का वो दरिंदा है , हिन्दू या मुसलमान नहीं है
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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याद नहीं क्या तुम को मेरे रोने पर रोती थी तुम भी क्या अब तुम को मेरे रोने पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता
Kabir Altamash
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खा जाएगा इक दिन मुझे तुझ सेे बिछड़ने का ये डर
Kabir Altamash
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मेरे अब्बू सच कहते थे बेटा इक दिन पछताओगे
Kabir Altamash
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कोई होता तो उस को सब बताते हम हमारी इक कहानी भी सुनाते हम बहुत ही दूर रहती है कोई लड़की यहाँ रहती तो पलकों पे बिठाते हम
Kabir Altamash
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अब हमारे पेड़ सारे ये कहाँ ही जानते हैं एक लड़की ने कहा था मुझ सेे इक पौधा लगाना
Kabir Altamash
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