इस दुनिया के कहने पर उम्मीद न रक्खो पत्थर रख लो सीने पर उम्मीद न रक्खो
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ये फ़िल्मों में ही सब को प्यार मिल जाता है आख़िर में मगर सचमुच में इस दुनिया में ऐसा कुछ नहीं होता चलो माना कि मेरा दिल मेरे महबूब का घर है पर उस के पीछे उस के घर में क्या-क्या कुछ नहीं होता
Tehzeeb Hafi
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और फिर एक दिन बैठे बैठे मुझे अपनी दुनिया बुरी लग गई जिस को आबाद करते हुए मेरे मां-बाप की ज़िंदगी लग गई
Tehzeeb Hafi
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ये बहस छोड़ कि कितनी हसीन है दुनिया तू ये बता कि तेरा दिल कहीं लगा कि नहीं
Vijay Sharma
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पर्वतों को ज़ख़्म गहरे दे दिए हैं पानियों से पत्थरों पर वार कर के
nakul kumar
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मेरी दुनिया में कोई चीज़ ठिकाने पे नहीं बस तुझे देख के लगता है कि सब अच्छा है
Idris Babar
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भूल जाना नहीं रहा ताबिश वो दीवाना नहीं रहा ताबिश ज़िंदगी का सुलूक मेरे साथ दोस्ताना नहीं रहा ताबिश हम की हंसते हैं क्योंकि रोने को कोई शाना नहीं रहा ताबिश
Vishal Singh Tabish
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कहानी में तुम्हारे ज़िक्र भर से मेरा किरदार हल्का हो रहा है
Vishal Singh Tabish
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दोस्त मेरा ये मानना है एक एक हम-सब हैं और ख़ुदा है एक मुझ सेे हर शख़्स रुठ जाता है मेरा होना भी मसअला है एक
Vishal Singh Tabish
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ये ज़माना ये दौर कुछ भी नहीं बस मोहब्बत है और कुछ भी नहीं
Vishal Singh Tabish
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मेरा किरदार मेरी बात कहाँ सुनता है, ये समझदार मेरी बात कहाँ सुनता है इश्क़ है वा'दा फ़रामोश नहीं है कोई, दिल तलबग़ार मेरी बात कहाँ सुनता है
Vishal Singh Tabish
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