इस वतन में छोटी सी बुलबुल के हूँ मानिंद मैं मेरा मज़हब कुछ भी हो पर हूँ तो सारा हिंद मैं
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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लाश बिस्तर से देखती है उसे रूह लटकी हुई है पंखे पर
Firdous khan
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साॅरी उस ने मुझे कहा है फिर या'नी अब कुछ तो हादसा है फिर
Firdous khan
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जलती उदास आँखों में पिघली नमी हूँ मैं या'नी के सूनी रातों में तेरी कमी हूँ मैं
Firdous khan
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जले जाते है ये दीपक दिवाली में के जैसे मैं जली जाती हूँ जब भी तुम दिवाली पर नहीं होते
Firdous khan
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तुम्हारे क़दमों को जब चूमती हूँ लगता है ऐसा कोई जोगन किसी दरगाह की चौखट को चू में है
Firdous khan
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