इस से पहले के मेरे दिल से उतर जाए तू दूर नज़रों से भला है के गुज़र जाए तू मैं तो दरिया हूँ मेरी तह में तेरा काम है क्या तू हवा है तो तेरी मर्ज़ी जिधर जाए तू
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तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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मेरे होंटों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो कि इस के बा'द भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है
Waseem Barelvi
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सामने वो नज़र के रहे इस लिए उस की बस्ती में ही काम पर लग गए वो तो आया नहीं हाथ मेरे मगर हाथ इस के बहाने हुनर लग गए
Ali Mohammed Shaikh
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मेरी नज़रे उठी उठी, तेरी नज़रें झूकी झुकी तोल रहे हैं प्यार को जैसे दो पैमानों में
Ali Mohammed Shaikh
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होता है दर्द क़ल्ब के नज़दीक सुना था तुम से मिले तो पुख़्ता हुआ ठीक सुना था
Ali Mohammed Shaikh
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जब से तेरी निगाह में सजने लगे है हम ख़ुद को बड़ा हसीन समझने लगे है हम
Ali Mohammed Shaikh
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दिन ब दिन पहले से भी और खिल के आई हो सच बताना आज फिर किस से मिल के आई हो दर्जी वाले चौक पर तो कल से है बंदिश लगी अब न कहना तुम वहाँ से कपड़े सिल के आई हो
Ali Mohammed Shaikh
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