सामने वो नज़र के रहे इस लिए उस की बस्ती में ही काम पर लग गए वो तो आया नहीं हाथ मेरे मगर हाथ इस के बहाने हुनर लग गए
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हम को नीचे उतार लेंगे लोग इश्क़ लटका रहेगा पंखे से
Zia Mazkoor
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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मेरी नज़रे उठी उठी, तेरी नज़रें झूकी झुकी तोल रहे हैं प्यार को जैसे दो पैमानों में
Ali Mohammed Shaikh
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इस से पहले के मेरे दिल से उतर जाए तू दूर नज़रों से भला है के गुज़र जाए तू मैं तो दरिया हूँ मेरी तह में तेरा काम है क्या तू हवा है तो तेरी मर्ज़ी जिधर जाए तू
Ali Mohammed Shaikh
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इक तिरा दिल रखने में कितने ख़सारे हो गए जो भी थे बैअत में मेरे सब किनारे हो गए
Ali Mohammed Shaikh
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तेरी नज़र से कोई रोज़ जख्मी होता है ख़याल रखना किसी दिन वो मारा न जाएँ
Ali Mohammed Shaikh
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ऐसे शगुफ़्ता रंग गुज़िश्ता कभी न था मैं फूल था मगर तेरे दर का कभी न था इतना तेरे दयार से मुझ को अता हुआ इतना नसीब ने मेरे सोचा कभी न था
Ali Mohammed Shaikh
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