इक तिरा दिल रखने में कितने ख़सारे हो गए जो भी थे बैअत में मेरे सब किनारे हो गए
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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सामने वो नज़र के रहे इस लिए उस की बस्ती में ही काम पर लग गए वो तो आया नहीं हाथ मेरे मगर हाथ इस के बहाने हुनर लग गए
Ali Mohammed Shaikh
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मेरी नज़रे उठी उठी, तेरी नज़रें झूकी झुकी तोल रहे हैं प्यार को जैसे दो पैमानों में
Ali Mohammed Shaikh
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होता है दर्द क़ल्ब के नज़दीक सुना था तुम से मिले तो पुख़्ता हुआ ठीक सुना था
Ali Mohammed Shaikh
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दिन ब दिन पहले से भी और खिल के आई हो सच बताना आज फिर किस से मिल के आई हो दर्जी वाले चौक पर तो कल से है बंदिश लगी अब न कहना तुम वहाँ से कपड़े सिल के आई हो
Ali Mohammed Shaikh
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जितनी जल्दी आँखें अपनी खोलेगा सूरज को मुट्ठी पे अपनी तोलेगा
Ali Mohammed Shaikh
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