होता है दर्द क़ल्ब के नज़दीक सुना था तुम से मिले तो पुख़्ता हुआ ठीक सुना था
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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लोग हर मोड़ पे रुक रुक के सँभलते क्यूँँ हैं इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यूँँ हैं मोड़ होता है जवानी का सँभलने के लिए और सब लोग यहीं आ के फिसलते क्यूँँ हैं
Rahat Indori
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अब लगता है ठीक कहा था 'ग़ालिब' ने बढ़ते बढ़ते दर्द दवा हो जाता है
Madan Mohan Danish
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सामने वो नज़र के रहे इस लिए उस की बस्ती में ही काम पर लग गए वो तो आया नहीं हाथ मेरे मगर हाथ इस के बहाने हुनर लग गए
Ali Mohammed Shaikh
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मेरी नज़रे उठी उठी, तेरी नज़रें झूकी झुकी तोल रहे हैं प्यार को जैसे दो पैमानों में
Ali Mohammed Shaikh
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दिन ब दिन पहले से भी और खिल के आई हो सच बताना आज फिर किस से मिल के आई हो दर्जी वाले चौक पर तो कल से है बंदिश लगी अब न कहना तुम वहाँ से कपड़े सिल के आई हो
Ali Mohammed Shaikh
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जितनी जल्दी आँखें अपनी खोलेगा सूरज को मुट्ठी पे अपनी तोलेगा
Ali Mohammed Shaikh
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सर पे दुनिया के रख कर अपना दुखड़ा क्या रोना दुनिया, दुनिया ही तो है किस किस का ग़म पालेगी
Ali Mohammed Shaikh
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