जितनी जल्दी आँखें अपनी खोलेगा सूरज को मुट्ठी पे अपनी तोलेगा
Related Sher
हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा
Allama Iqbal
207 likes
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
Bashir Badr
111 likes
हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिंदुस्तान कहते हैं
Rahat Indori
212 likes
और फिर एक दिन बैठे बैठे मुझे अपनी दुनिया बुरी लग गई जिस को आबाद करते हुए मेरे मां-बाप की ज़िंदगी लग गई
Tehzeeb Hafi
207 likes
आप की आँखें अगर शे'र सुनाने लग जाएँ हम जो ग़ज़लें लिए फिरते हैं, ठिकाने लग जाएँ
Rehman Faris
77 likes
More from Ali Mohammed Shaikh
मेरी नज़रे उठी उठी, तेरी नज़रें झूकी झुकी तोल रहे हैं प्यार को जैसे दो पैमानों में
Ali Mohammed Shaikh
0 likes
इस से पहले के मेरे दिल से उतर जाए तू दूर नज़रों से भला है के गुज़र जाए तू मैं तो दरिया हूँ मेरी तह में तेरा काम है क्या तू हवा है तो तेरी मर्ज़ी जिधर जाए तू
Ali Mohammed Shaikh
0 likes
इक तिरा दिल रखने में कितने ख़सारे हो गए जो भी थे बैअत में मेरे सब किनारे हो गए
Ali Mohammed Shaikh
0 likes
तेरी नज़र से कोई रोज़ जख्मी होता है ख़याल रखना किसी दिन वो मारा न जाएँ
Ali Mohammed Shaikh
1 likes
सामने वो नज़र के रहे इस लिए उस की बस्ती में ही काम पर लग गए वो तो आया नहीं हाथ मेरे मगर हाथ इस के बहाने हुनर लग गए
Ali Mohammed Shaikh
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Ali Mohammed Shaikh.
Similar Moods
More moods that pair well with Ali Mohammed Shaikh's sher.







