इश्क़ का अपना भी में'आर हुआ करता है और अब उस सेे मैं नीचे तो नहीं आऊँगा तुझे कुछ कहना है मुझ सेे तो यहीं पर कह दे मैं वो आशिक़ हूँ जो पीछे तो नहीं आऊँगा।
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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कुछ न कुछ बोलते रहो हम सेे चुप रहोगे तो लोग सुन लेंगे
Fahmi Badayuni
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तू भी कब मेरे मुताबिक मुझे दुख दे पाया किस ने भरना था ये पैमाना अगर ख़ाली था एक दुख ये कि तू मिलने नहीं आया मुझ सेे एक दुख ये है उस दिन मेरा घर ख़ाली था
Tehzeeb Hafi
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करता नहीं ख़याल तेरा इस ख़याल से तंग आ गया अगर तू मेरी देखभाल से चल मेरे साथ और तबीयत की फ़िक्र छोड़ दो मील दूर है मेरा घर अस्पताल से
Tehzeeb Hafi
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हमारी अपनी मर्ज़ी है हमारी अपनी दुनिया है तुम्हारे रंग में ढल जाऊँगा सोचा ही क्यूँ तुम ने
Armaan khan
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तेरी क़िस्मत कहाँ-कहाँ, और मैं एक वीरान सा मकाँ और मैं दूर तक आ रहा नज़र कुछ तो एक सिगरेट का धुआँ और मैं
Armaan khan
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बाहर अक्सर शोर-शराबा रहता है अंदर इक ख़ामोशी पलती रहती है हम से इक अंदाज़ नहीं बदला जाता दुनिया कैसे रंग बदलती रहती है
Armaan khan
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हर एक चीज़ वहीं है जहाँ पे छोड़ी थी बस एक घर ही नहीं आ रहा नज़र घर में
Armaan khan
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ये फ़ासला ज़रूर है मगर ये फ़ैसला नहीं सो बेबसी में कह रहा हूँ मैं कोई गिला नहीं मैं देर रात कमरे में ये सोच कर के आया हूँ अब इस के बा'द और कोई रास्ता बचा नहीं
Armaan khan
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