जागता रहता हूँ मैं नींद कहाँ आती है मेरी हर रात ख़यालों में गुज़र जाती है
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वक़्त रहता नहीं कहीं टिक कर आदत इस की भी आदमी सी है
Gulzar
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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कोरे काग़ज़ पर रो रहे हो तुम मैं तो समझा पढ़े लिखे हो तुम क्या कहा मुझ सेे दूर जाना है इस का मतलब है जा चुके हो तुम
Zubair Ali Tabish
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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आँखों में आए लम्हे को बैठे निकल गए मैं जागा इस से पहले ही सपने निकल गए
Aasif Munawwar
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वक़्त-ए-रुख़्सत थी नमी उस की भी आँखों में जब प्यार 'आसिफ़' का भला कैसे भुलाया होगा
Aasif Munawwar
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प्यार तो हर कोई कर लेता है लेकिन 'आसिफ़' उस का इज़हार भी करने को जिगर लगता है
Aasif Munawwar
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चंद लुक़्में, लिबास और मस्कन इतनी होती है आदमी की भूक
Aasif Munawwar
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लफ़्ज़ों के वार करते हो तुम भी अजीब हो कह दो न साफ़-साफ़ मिरी जान चाहिए
Aasif Munawwar
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