जान-ए-मन तुम वबाल करती हो लाल में भी कमाल करती हो जब पहन लेती लाल जोड़ा तुम फिर तो जीना मुहाल करती हो
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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पानी भी है, माहौल भी है, और हवा भी क्या बात कि सर सब्ज़ शजर सूख रहा है
Dard Faiz Khan
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ज़मीं की बात और न आसमाँ की बात करते हैं जहाँ हमारी फ़िक्र है वहाँ की बात करते हैं जहाँ गरीब को मिले न रोटी एक वक़्त की चलो अमीर ज़ादों हम वहाँ की बात करते हैं
Dard Faiz Khan
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नींद आती नहीं है फ़ुर्क़त में मेरी पलकें झुलस गई यारो
Dard Faiz Khan
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शे'र होंटों पे रक़्स करते हैं हो अगर कोई हादसा मुझ में
Dard Faiz Khan
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ख़ुद-ब-ख़ुद मंज़िल तिरे क़दमों में चल कर आएगी हौसला तेरा अगर शम्स-ओ-क़मर तक जाएगा
Dard Faiz Khan
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