जिस दिन से उस ने तोड़े मरासिम हैं मेरे साथ तब से मिरे वजूद पे उठती हैं उँगलियाँ
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मैं ने उस सेे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ वो जिस के भी साथ है मैं उस को भी अपना मानता हूँ
Ali Zaryoun
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तेरा चुप रहना मेरे ज़ेहन में क्या बैठ गया इतनी आवाज़ें तुझे दीं कि गला बैठ गया
Tehzeeb Hafi
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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वो समझते हैं जिस को दिल मेरा उन की यादों की क़ब्रगाह है वो
Wasif Quazi
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ज़िंदा रखने को ख़्वाहिशें उन की दफ़्न सब अपनी हसरतें कर दीं
Wasif Quazi
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राब्ता नींद का रातों से सँवर जाएगा ख़्वाब उन का मेरी आँखों में उतर जाएगा
Wasif Quazi
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उन पे कुछ शे'र जब कहे मैं ने मेरी ग़ज़लों में जान तब आई
Wasif Quazi
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लहरें डूबो रही हैं मुसलसल ही कश्तियाँ क्या अपनी इंकिसारी समुंदर ने दी भुला
Wasif Quazi
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